बिहार के नियोजित टीचर भी बन पाएंगे स्कूल के हेड मास्टर, पटना हाईकोर्ट का आदेश जारी

टीईटी उत्तीर्ण सभी शिक्षक प्रधान शिक्षक की परीक्षा में शामिल होंगे, अनुमति की शर्त- रिजल्ट अंतिम फैसले पर निर्भर होगा : पटना हाईकोर्ट ने टीईटी व एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों को अंतरिम राहत देते हुए प्रधान शिक्षक पद पर बहाली की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायमूर्ति एस. कुमार की खंडपीठ ने टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।

 

याचिकाकर्ता संघ द्वारा प्रधान शिक्षक नियुक्ति नियमावली को भ्रामक बता कर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में कहा है टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों की बहाली 2014 के बाद हुई है। ऐसे में बेसिक ग्रेड के शिक्षक की न्यूनतम नियुक्ति 8 साल पूरी नहीं हो रही है। इससे लगभग 70 हजार शिक्षक प्रधान शिक्षक की परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। टीईटी व एसटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों ने प्रधान शिक्षक बहाली नियमावली में इस प्रकार की त्रुटि को सुधार की मांग भी की।विभाग बोला-आदेश देखेंगे

 

पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ ने टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षकों संघ को अंतरिम राहत देते हुए याचिकाकर्ताओं को प्रधान शिक्षक की परीक्षा देने की अनुमति इस शर्त के साथ दी है कि परीक्षा का परिणाम इस मामले पर कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। इधर, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि हमने आदेश नहीं देखा है। इसे देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

 

input:daily bihar

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