प्रधानमंत्री मोदी करेंगे काशी विश्वनाथ धाम प्रोजेक्ट का उद्घाटन, जानें इसमें क्या होगा खास

Ayodhy) में राम मंदिर (Ram Mandir) लोकसभा चुनाव 2024 (Lok  sabha Chunav 2024) से पहले साल 2023 के अंत तक ही तैयार हो सकता है. हालांकि उससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) वाराणसी (Varanasi) में काशी विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Dham) परियोजना, नदी तट पर ललिता घाट को काशी विश्वनाथ मंदिर से जोड़ने वाली परियोजना का यूपी चुनाव से पहले 13 दिसंबर को उद्घाटन करेंगे. News18 ने शुक्रवार को साइट पर काम देखा और श्रमिकों ने कहा कि वे 10 दिसंबर तक परियोजना को पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं. काम में तेजी लाने के लिए लगभग 400 अतिरिक्त श्रमिकों को लाया गया है. बहुराष्ट्रीय कंपनी अर्न्स्ट एंड यंग को ऑपरेशनल प्लानिंग का काम दिया गया था. प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में होने की वजह से यह परियोजना यूपी चुनावों के लिए भाजपा की प्राथमिकता सूची में है.

साल 2018 में शुरू हुई थी परियोजनामोदी ने मार्च 2018 में अपने संसदीय क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की थी. इसके तहत मौजूदा विरासत को संरक्षित करना, PPP मॉडल के तहत मंदिर परिसर में नई सुविधाएं देना, मंदिर के आसपास के लोगों के आवागमन और आवाजाही को आसान बनाना और मंदिर को सीधे  घाटों से जोड़ने की योजना है. कॉरिडोर के काम के दौरान  दौरान सैकड़ों छोटे मंदिर खोजे गए जिन्हें संरक्षित कर गलियारे का हिस्सा बना दिया गया है.

वाराणसी में ललिता घाट से मंदिर परिसर में मंदिर चौक तक 20-25 फीट चौड़ा गलियारा बनाने की योजना है ताकि एक समय में कम से कम 2 लाख लोगों की आमदरफ्त में कोई दिक्कत ना हो. इस परियोजना में तीर्थयात्रियों के लिए यात्री सुविधा केंद्र, गेस्टहाउस, धर्मशाला, पुस्तकालय और संग्रहालय जैसी कई सुविधाए भी बनाई जाएंगी. इस परियोजना के तहत बड़ी संख्या में सार्वजनिक शौचालय, श्रद्धालुओं की सुरक्षा साथ ही एंबुलेंस और अन्य इमरजेंसी व्हीकल्स के एंट्री की भी सुविधा होगी.

परिसर के भीतर गंगा-व्यू कैफे, तीन मंजिला एम्पोरियम स्पेस से घिरा मंदिर चौक, फूड कोर्ट, दुकानें, आध्यात्मिक किताबों की दुकान,  वीआईपी गेस्ट हाउस, मुमुक्षु भवन, वैदिक केंद्र, भोग शाला शामिल हैं.  साथ ही एक पर्यटक सुविधा केंद्र, तीन यात्री सुविधा केंद्र, शौचालय ब्लॉक, सिटी संग्रहालय और वाराणसी गैलरी की भी योजना है. इन सेवाओं को PPP मॉडल पर चलाया जा सकता है.

अधिकारियों ने कहा कि परियोजना स्थल पर अधिकांश बुनियादी ढांचा तैयार है और फिनिशिंग का काम जारी है. News18 ने पाया कि फिनिशिंग के अलावा कॉरिडोर से मलबा हटाने और ट्रकों की मदद से इसे बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास भी जारी है. लगभग 43,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में सफेद संगमरमर का उपयोग किया गया है.

 

Input: Daily Bihar

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