पंचायत चुनाव में दिव्यांग पति—पत्नि का जलवा, बीवी बनी जिला पार्षद, घर-घर घूमकर बेचती हैं मसाले

बिहार में दिव्यांग महिला बनी जिला पार्षद, दिव्यांग पति के साथ घर-घर घूमकर बेचती हैं मसाले! : जब इंसान अपने लक्ष्य के बारे में कुछ तय कर ले तो उसे कोई भी अपने मुकाम पर पहुँचने से रोक नहीं सकता हैं. एक ऐसी ही कहानी सामने आई हैं. जहाँ एक दिव्यांग महिला ने जिला परिषद सदस्य के लिए 10 हजार मतों से जीत हासिल की. महिला का पति भी दिव्यांग है और इनके तीन बच्चे हैं

 

 

 

मिली जानकारी के अनुसार यह मामला बिहार के मुजफ्फरपुर का हैं. दम्पति के जीत के बाद हर तरफ उनकी चर्चा हैं. जिला परिषद क्षेत्र संख्या-20 से एक दिव्यांग महिला को कामयाबी मिली है. कांटी प्रखंड के लग्सरीपुर पंचायत के मिठनसराय माधोपुर की रहने वाली मीणा देवी ने सफलता हासिल की हैं.

 

 

 

बता दे यह कहानी प्रेरणादायक इसलिए हैं, क्योकि मीना के पति उमेश भी दोनों पैरों से दिव्यांग हैं. दोनों घर घर घूमकर पहले मसाला बेचते थे. मीना ने अपनी जीत पर मीडिया से बताया की वो चुनाव जितने के बाद भी मसाला बेचेंगी और जनता की सेवा करेंगी. वो बाढ़ पीड़ितों के लिए काम करेंगी और गांव में पक्की सड़क बनवाएंगी. जिससे लोगों की दिक्कतें कम हो सकें.

 

हमको आपकों बता दे मीना के पति उमेश भी दोनो पैरों से दिव्यांग है और गांव- गांव घूम कर स्कूटर से मसाले बेचते हैं. उमेश ने बाताया कि उनके मन में पत्नी को चुनाव लड़ाने की इच्छा हुई फिर जनता के बीच गए और लोगों ने उन्हें चुनाव लड़ाने के लिए उत्साहित किया. पति पत्नी की इस जोड़ी की कहानी अभी हर तरफ मशहूर हो रही हैं.

 

 

Input : Daily Bihar

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