NFHS Survey: देश में पहली बार औरतों की जनसंख्या पुरुषों से ज़्यादा, 1000 पुरुषों पर 1020 औरतें

नेशनल फ़ैमिली ऐंड हेल्थ सर्वे (National Family and Health Survey) के पांचवें दौर में औरतों की जनसंख्या पुरुषों से ज़्यादा रिकॉर्ड की गई. देश में पहली बार प्रति 1000 पुरुषों पर औरतों की संख्या 1020 रही. बीते बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये डेटा जारी किया.

 

1990 में 1000 पुरुषों पर 927 औरतें

 

 

 

सर्वे डेटा से ये तो साफ़ है कि भारत में औरतों की हालत सुधर रही है. एक समय नोबेल पुरुस्कार विजेता, अमर्त्य सेन ने भारत को ‘गुमशुदा औरतों’ का देश कहा था. उस समय 1000 पुरुषों पर 927 औरतें थीं. आज 3 दशक बाद ये सूरत बदलती नज़र आ रही है.

 

 

 

 

2005-06 में हुए NFHS-3 सर्वे में औरतों और पुरुषों की जनसंख्या बराबर थी यानि 1000 पुरुषों पर 1000 औरतें. 2015-16 में हुए NFHS-4 सर्वे में ये संख्या घटकर 1000 पुरुषों पर 991 औरतें हुई.

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Union Ministry of Health and Family Welfare) के एडिशनल सेक्रेटरी और मिशन डायरेक्टर, विकास शील ने कहा, “सेक्स रेशियो और जन्म के समय के सेक्स रेशियो में सुधार एक बड़ी उपलब्धि है, हालांकि सेन्सस से तस्वीर साफ़ होगी. अभी के रिज़ल्ट्स से हम ये कह सकते हैं कि महिला सशक्तिकरण के लिए हम जो क़दम उठा रहे हैं वो सही दिशा में हैं.

 

 

 

 

 

Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, जन्म के समय का सेक्स रेशियो (Sex Ratio at Birth) अभी भी 929 है, यानि हर 1000 लड़कों पर 929 लड़ककियां. इससे ये भी पता चलता है कि आज भी कई परिवार लड़कों को प्राथमिकता देते हैं और चाहते हैं कि उनकी संतान पुरुष हो.

 

NFHS के इस सर्वे में 14 राज्य और केन्द्रीय शासित प्रदेशों (अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, NCT of Delhi, ओड़िशा, पुड्डूचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) को शामिल किया गया था. 2019-2021 के बीच ये सर्वे किया गया.”

 

 

 

 

 

NHFS-5 सर्वे के फ़ेज़ वन का डेटा बीते साल दिसंबर में जारी कर दिया गया था

 

Input: itdaily

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