मुखिया चुनाव का रिजल्ट आते ही हारे हुए उम्मीदवार ने काटा ब’वाल, विजयी उम्मीदवार के घर पर ह’मला

नवादा में विजयी मुखिया प्रत्याशी के समर्थक के घर में तोड़फोड़-पत्थरबाजी, कई गाड़ियों को लगाई आग : बिहार पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Election) के आठवें चरण के मतदान के आए परिणाम के बाद नवादा (Nawada) में विजयी मुखिया के समर्थक के घर में तोड़फोड़ और आगजनी की गई है.

नारदीगंज थाना क्षेत्र के परमा गांव में शुक्रवार की रात परमा पंचायत की विजयी मुखिया दर्शनिया देवी के समर्थक रामचंद्र प्रसाद के घर पर जमकर पत्थरबाजी (Stone Pelting) की गई, और वहां संचालित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के ग्राहक सेवा केंद्र में तोड़फोड़ और लूटपाट (Loot) की गई. साथ ही घर के पास स्कूल बस और स्कॉर्पियो वाहन में आगजनी की गई. सूचना मिलने पर शुक्रवार की रात सदर एसडीपीओ उपेंद्र प्रसाद, नारदीगंज थाना की पुलिस ने वहां पहुंच कर एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है.

ऐसी आशंका जताई जा रही है कि नतीजों में मिली हार से बौखलाए विरोधी खेमे ने इस घटना को अंजाम दिया है. इसका आरोप प्रमोद यादव पर लगा है. यह भी कहा जा रहा है कि दोनों लोगों (विजयी प्रत्याशी और विपक्षी प्रत्याशी) के बीच कई वर्षों से पुराना विवाद चला आ रहा है. बताया जा रहा है कि शुक्रवार को रामचंद्र प्रसाद और उनके परिवार के सभी सदस्य मतगणना को लेकर नवादा पहुंचे हुए थे. देर शाम परिणाम की घोषणा होने के बाद विरोधी खेमे ने उनके घर पर धावा बोल दिया और वहां पत्थरबाजी की. इस हमले में घर के सभी शीशे टूट गए. रामचंद्र के भतीजा ज्वाला प्रसाद उर्फ पिंटू नवादा के स्कूल बस और मैजिक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया गया. स्कॉर्पियो वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया.

इसके अलावा पीएनबी ग्राहक सेवा केंद्र में तोड़फोड़ की गई. पीड़ित परिवार का कहना है कि ग्राहक सेवा केंद्र में 12 लाख रुपये की लूट हुई है. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि मतदान के दौरान रामचंद्र ने बोगस वोटिंग का विरोध किया था इसलिए उस दिन भी उनके साथ मारपीट की गई थी.

शुक्रवार को परिणाम आने के बाद विरोधी खेमे के लोग उग्र हो गए और उन्होंने रामचंद्र प्रसाद के घर को निशाना बनाया. रामचंद्र की पत्नी आरती देवी ने बताया कि दो दर्जन से अधिक की संख्या में हमलावर पहुंचे थे. वो सभी उनके बेटे पिंटू को खोज रहे थे. उन्होंने बताया कि किसी तरह उन्होंने खुद को घर में बंद कर लिया जिससे उनकी जान बच गई. हमलावर उन्हें आग में झोंकने की बात कह रहे थे.

घटना की जानकारी मिलने पर एसडीपीओ उपेंद्र प्रसाद सहित नारदीगंज, नवादा नगर व मुफस्सिल थाना समेत भारी संख्या में पुलिसबल वहां पहुंची और स्थिति को काबू किया. पुलिस ने इस दौरान एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया. फिलहाल पुलिस गांव में कैंप कर रही है. गांव में तनाव व्याप्त है.

 

Input: Daily bihar

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