बिहार में खत्म होगा शराबबंदी कानून, पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने कहा- एक बार मेरी सरकार बनने तो दीजिए

बिहार में फिर फ्री होगी शराब, पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने कहा- एक बार मेरी सरकार बनने तो दीजिए : बोले नागमणि- हमारी पार्टी की बिहार में सरकार बनेगी तो सबसे पहले शराबबंदी को खत्म किया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज को ठगने का काम किया हैं। शराब पीना गलत नहीं लेकिन पीकर हंगामा करना व महिलाओं पर अत्‍याचार बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा।

संवाद सहयोगी डेहरी ऑनसोन (सासाराम)। हमारी पार्टी की बिहार में सरकार बनेगी तो सबसे पहले शराबबंदी (Liquor Prohibition in Bihar) को खत्म किया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज को ठगने का काम किया हैं। बिहार लेनिन के नाम से चर्चित शहीद जगदेव प्रसाद के इकलौते पुत्र व पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने शुक्रवार को यहां एक सिनेमा हॉल में उक्त बातें प्रेस वार्ता में कही।

उन्होंने कहा कि आगामी 30 सितंबर को पटना (Patna) में अपनी नई पार्टी का गठन करेंगे जिसके लिए वे पूरे बिहार का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बिहार में बनती है तो सबसे पहले वह शराबबंदी को खत्म करेंगे। शराब पीना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन शराब पीकर हंगामा करना और महिलाओं काे पीटना कतई बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को समाप्त करने के बाद कानून बनाया जाएगा कि कोई व्यक्ति शराब पीकर मारपीट या हंगामा करता है तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

नागमणि ने कहा- मेरी सरकार ने सभी जातियों से होंगे उपमुख्‍यमंत्री

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ महिलाओं के कहने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी लागू कर दिया है, जो पूरी तरह से विफल है। नकली शराब का कारोबार करने वाले फल-फूल रहे हैं। जनता मर रही है और पुलिस माफिया से मिलकर माल बटोर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पार्टी के गठन के बाद आने वाले चुनाव में अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो उनकी जाति का ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। साथ ही पांच उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे, जिसमें सवर्ण जाति, दलित, अति पिछड़ा, मुस्लिम, यादव होंगे। उन्होंने जदयू संसदीय दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने जाति को बेचने का काम किया है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व औरंगाबाद में जदयू के बागी नागमणि ने कहा था कि लालू यादव के 15 साल के शासनकाल से बिहार की जनता ने ऊबकर नीतीश कुमार को मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया था। मगर उनका 16 साल का शासनकाल और भी बदत्तर हो गया। शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं चौपट हो चुकी हैं। कैमूर में भी पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और नीतीश कुमार के शासनकाल की चर्चा की।

 

Input: Daily Bihar

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