आठ आतंकियों ने NIA कोर्ट में गुनाह कबूला, 17 दिसंबर को सजा सुनायेगा कोर्ट

एनआइए की विशेष जज गुरिवंदर सिंह मलहोत्रा की अदालत में शुक्रवार को बोधगया बम ब्लास्ट करने की साजिश में कुल नौ अभियुक्तों में से आठ ने आवेदन देकर अपने-अपने गुनाहों को स्वीकार कर लिया. गुनाह स्वीकार करने पर विशेष जज ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 दिसंबर की तारीख सुनिश्चित की है. इस कांड में शामिल नौ अभियुक्तों को विशेष कोर्ट में पेश किया गया. जिन आठ अभियुक्तों ने अपना दोष स्वीकार किया है, उनमे अहमद अली उर्फ कालू, दिलावर हुसैन, पैगंबर शेख, मुस्तफर रहमान उर्फ शाहीन उर्फ तुहीन, अब्दुल करीम उर्फ करीम शेख, नूर आलम मोमिन, आरिफ हुसैन उर्फ अताकुर उर्फ सैयद उर्फ अनास उर्फ आलम मीर शेख व मुहम्मद आदिल शेख उर्फ अब्दुल्लाह शामिल है.

अभियुक्त जहीदुल इस्लाम ने अपना दोष स्वीकार नहीं किया है. सभी अभियुक्तों ने अपने-अपने आवेदन में दोष स्वीकार करते हुए विशेष कोर्ट से यह निवेदन किया है. वे इस मामले में लंबे समय से जेल में हैं और अपने परिवार से काफी दिनों से नहीं मिले हैं. वे समाज में फिर से लौटना चाहते हैं, इसलिए उनके आवेदन को स्वीकार किया जाये. गौरतलब है कि 19 जनवरी, 2018 को बोधगया में निगमा पूजा के दौरान बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के साथ ही कई विदेशी धार्मिक गुरु गया में प्रवास कर रहे थे. राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी उपस्थित थे.

अभियुक्तों ने साजिश के तहत कालच्रक मैदान के मुख्य गेट के सामने जेनेरेटर के नीचे झोले में बम रखा था. इसके अलावा अन्य जगहों पर भी बम रख दिया था. संयोगवश आइडी में आंशिक रूप से विस्फोट हुआ था और फिर एक बड़ी साजिश को समय रहते पुलिस ने विफल कर दिया था. तलाशी के दौरान पुलिस ने विद्युत परिपथ तार, घड़ी मशीन, एवेरेडी बैटरी, एक्स पोलेटेड डेटोनेटर और उजल रंग के सफेद पाउडर को बरामद किया था. इस कांड को लेकर 20 जनवरी, 2018 को बोधगया थाने में एक केस दर्ज किया गया था. इस मामले को बाद में एनआइए ने अपने हाथ में ले लिया और उसी साल तीन फरवरी को मामला दर्ज करते हुए नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी थी.

आजीवन कारावास की हो सकती है सजा

एनआइए की विशेष अदालत में बोधगया बम ब्लास्ट की सजिश करने के मामले में आठ अभियुक्तों द्वारा आवेदन देकर अपना अपराध स्वीकार करने के बाद इस मामले में उन्हें आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा हो सकती है. इन अभियुक्तों को जिन धाराओं में दोषी पाया गया है, उनमें केंद्र सरकार के विरुद्ध युद्ध करना, केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ आपराधिक बल का प्रदर्शन कर लोगों को आतंकित करने, सरकार के खिलाफ युद्ध करने के लिए हथियार संग्रह करना आदि हैं. उक्त सभी आरोप गंभीर प्रवृत्ति के हैं औ इनमें आजीवन कारावास व जुर्माने का प्रावधान है.

 

Input: DTW24News

Share This Article.....

Leave a Reply

Your email address will not be published.