किसान के बेटे को Amazon कंपनी में मिला 1.06 करोड़ का पैकेज, इंटरव्यू से पहले हुए थे डेंगू का शिकार

आपने इससे पहले ऐसी कई कहानी पढ़ी और सुनी होंगी, जिसमे Indians ने कई करोड़ के पैकज की नौकरी पाई हो। उन होनहारों का कड़ा संघर्ष भी देखा और सुना होगा। परन्तु आज का किस्सा कुछ और ही अनोखा है। इसमें एक राजस्थान के लाल ने अपने हुनर और लगन का परिचय देते हुए सफलता दाई है। सफलता का फल 1 करोड़ से भी ज्यादा की नौकरी है।

 

राजस्थान में झुंझुनूं (Jhunjhunu, Rajasthan) से आने वाले एक बेटे सौरभ कुल्हरी (Saurabh Kulhari) ने एक कारनामा कर दिखाया है। सौरभ के माता-पिता दोनों खेती करने वाले किसान हैं। वे आर्थिक तौर पर अच्छे भी नहीं है। ऐसे में उनके बेटे सौरभ को अमेजन कंपनी के लंदन (Amazon Company London) ऑफिस में 1.06 करोड़ (Over 1 Crore Ru) का सालाना पैकेज हासिल हुआ है। यह राजस्थानी लाल सौरभ कुल्हरी अमेजन में सॉफ्टवेयर डेवलपर (Software developer) के तौर पर अपनी सेवा देंगे।

 

 

इंटरव्यू से पहले सौरभ को डेंगू हो गया

 

बता दें की अमेजन कंपनी (Amazon Company) में इंटरव्यू से पहले सौरभ को डेंगू हो गया था। बीमारी और कमजोरी के बावजूद उन्होंने इंटरव्यू दिया और उसमे सेलेक्ट भी हुए। हाल में सौरभ आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में आखिरी साल की पढ़ाई कर रहे हैं। इंजीनियरिंग की डिग्री मिलते के पहले ही उन्हें 1 करोड़ की जॉब मिल गई है।

 

सौरभ (IITian Saurabh Kulhari) ने हमारे एक सूत्र को बताया की अगले साल पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेजन कंपनी में नौकरी (Job in Amozan) जॉइन करुंगा। सौरभ को इसके पहले भी एपीटी पोर्टफोलियो कंपनी में 50 लाख का पैकेज हासिल हो चुका है। सौरभ ने कंप्यूटर प्रोगरामिंग और कोडिंग महारत प्राप्त की हुई है।

 

विदेशी कंपनी अमेजन में जॉब पाने वाले सौरभ कुल्हरी की कहानी (Saurabh Kulhari Story) बड़ी हैरान करने वाली है। सौरभ ने प्राम्भिक स्कूल की पढ़ाई अपने गांव मलसीसर में की और यही पर ही पूरी स्कूलिंग हुई। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बाद भी माता-पापा ने बड़ी मेहनत करके उन्हें पढ़ाया। उनकी माता चंद्रकला देवी और पिता राजेश कुल्हरी ने उनकी परवरिश के लिए बहुत मेहनत की।

 

 

 

 

दूर की बहनो से IIT कहने की प्रेरणा मिली

 

सौरभ कहते है की जब वे 10वीं में थे, तब बुआ जी की दो बेटियां सीकर में आकर आईआईटी और नीट की तैयारियां कर रही थी। ऐसे में उन्हें भी 10वीं परीक्षा पास करते ही ख़याल आया की अपने परिवार के सपनों को पूरा करके दिखाना है। ऐसे में माता पिता ने उन्हें भी आईआईटी करवाने का मन बनाया। 10th पास करते ही उनके माता पिता ने उन्हें पढ़ने के लिए सीकर भेज दिया।

 

सीकर में पढ़ाई के वक़्त उनकी दादी साथ रहती थी। वहां दादी जी दो साल रही थी। दादी अपने पोते का पूरा ख़याल करती थीं। बुजुर्ग महिला होने के बाद भी वे बहुत काम कर लेती थी। इस कारण सौरभ पूरा ध्यान पढ़ाई लगा पाए और उनका चयन आईआईटी कानपुर में हो गया।

 

अमेजन से पहले एपीटी पोर्टफोलियो कंपनी में चयन हुआ था

 

सौरभ बताते हैं की अमेजन से पहले एपीटी पोर्टफोलियो कंपनी में भी उनका इंटरव्यू हुआ था, जिसमे वे सेलेक्ट हो आगये थे। कंपनी ने उन्हें 50 लाख सालाना पैकज का ऑफर दिया था। फिर अमेजन कंपनी से कॉल आ गया। अमेजन में इंटरव्यू से पहले उन्हें डेंगू (Dengue) हो गया। 8 नवंबर को वे डेंगू पॉजिटिव हो गए। डॉक्टर ने उन्हें टोटल आराम करने की राये दी।

 

झुंझुनूं का लाल लंदन जायेगा नौकरी करने

 

लगभग 20 दिन तक पूरी तरह से बेड रेस्ट किया। डेंगू संक्रमित (Dengue fever) होने के चलते प्लेटलेट्स भी 64 हजार तक पहुंच गई। 28 नवंबर की शाम अमेजन कंपनी से इंटरव्यू का मेल आया। इंटरव्यू 2 दिसंबर को तय समय पर रखा गया था। जिसमे 1 करोड़ का जॉब ऑफर था। ऐसे में बीमार पढ़े सौरभ ने हाँ कर दी और अब सेलेक्ट भी हो गए। अभी वे आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) में आखिरी साल की पढ़ाई कर रहे हैं। नेक्स्ट ईयर वे लंदन में कंपनी ज्वाइन कर लेंगे।

 

 

Input: Apna Bihar

 

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