PSI अभ्यर्थियों ने पीएम मोदी को खून से लिखा खत, न्याय नहीं मिलने पर आतंकी समूह में शामिल होने की दी धमकी

Highlights छात्रों के एक समूह ने पीएम मोदी को खून से पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। वे जल्द से जल्द परीक्षा को कराने की मांग कर रहे हैं जो स्कैम के चलते फिर से होने वाली है।

यह मामला कर्नाटक के 545 पुलिस सब-इंस्पेक्टरों (PSI) की भर्ती का है।

PSI Recruitment Scam: कर्नाटक के 545 पुलिस सब-इंस्पेक्टरों (PSI) की भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा में हो रही देरी के कारण छात्रों के एक समूह ने पीएम मोदी को खून से पत्र लिख कर न्याय दिलाने की बात कही है। इन छात्रों ने पत्र में यह भी धमकी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आतंकवादियों के साथ मिल जाएंगे और देश विरोधी काम करेंगे। छात्रों ने दो पन्नों का पत्र को अपने खून से लिखा है और इस मामले में जल्द से जल्द फैसली की मांग की है। आपको बता दें कि इस स्कैम की अभी जांच चल रही है और ऐसे में राज्य सरकार ने इसी महीने यह फैसला किया है कि वह इस भर्ती के लिए फिर से परीक्षा कराएगी। छात्रों द्वारा लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और इस पर लोगों द्वारा प्रतिक्रियाएं भी आ रही है।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि कर्नाटक के 545 पुलिस सब-इंस्पेक्टरों (PSI) की भर्ती में हुए स्कैम की जांच सीआईडी कर रही है। इस जांच में यह खुलासा हुआ है कि कलबुर्गी के एक निजी स्कूल ने परीक्षा की देखरेख करने गए एक अधिकारी को यह कहा था कि वे छात्रों को परीक्षा में नकल करने दें। यही नहीं पिछले हफ्ते पुलिस उपाधीक्षक (DySp) शांता कुमार को भी इस स्कैम में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। गौरतलब है कि शांता कुमार पुलिस की भर्ती शाखा के साथ पहले भी काम कर चुके हैं। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि इन्होंने इस स्कैम में अन्य आरोपियों की मदद की है।

कैसे घोटाला आया था सामने

इस स्कैम का खुलासा तब हुआ था जब कलबुर्गी जिले में एक छात्र को केवल 21 सवालों के जवाब देने पर उसे 100 प्रतिशत अंक दिए गए थे। मामले में अब तक 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें अफजलपुर विधायक का एक गनमैन भी शामिह है। शुरुआती जांच में इस घुटाले पर पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्रों से 75-80 लाख रुपए घूस लेकर परीक्षा में पास कराने का दावा करते थे। हालांकि राज्य सरकार ने इस भर्ती को रद्द कर फिर से परीक्षा कराने की बात कही है। इस परीक्षा में करीब 54 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया था। यही परीक्षा को जल्दी कराने की छात्रों का एक समूह मांग कर रहा है और इसके लिए उन लोगों ने पीएम मोदी को खून से लिखा पत्र भी लिखा है।

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