UPSC में बिहार के लाल ने किया कमाल; प्रवीण ने हासिल की 7वीं रैंक, कहा-IAS बनने के बाद सबसे पहले करूंगा ये काम

देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC का रिजल्‍ट शुक्रवार को जारी हो गया है। इस बार भी बिहार के युवाओं ने दमखम दिखाया है। बिहार के जमुई जिला के चकाई बाजार निवासी सीताराम वर्णवाल के पुत्र प्रवीण कुमार ने परचम लहराया है। उन्‍हें सातवा स्‍थान मिला है। रिजल्‍ट जारी होते ही उन्‍हें बधाई देने वालों का तांता लग गया।




प्रवीण की सफलता से पूरे चकाई बाजार में जश्न का माहौल है। उसके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ रही है। प्रवीण के पिता सीताराम वर्णवाल ने बताया कि वह बचपन से ही मेधावी था। उसकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा जसीडीह स्थित रामकृष्ण विद्यालय से हुई थी। बाद में उसने पटना से सीबीएससी से मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षा पास की। उसने कानपुर आईआईटी से पढ़ाई कर दिल्ली में दो साल से यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। उसने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है।


प्रवीण की सफलता से उसकी मां वीणा देवी ,बड़े भाई धनंजय वर्णवाल, बहन दीक्षा वर्णवाल एवं चाचा रामेश्वर लाल वर्णावाल खुशी से झूम रहे हैं। चकाई बाजार में मेडिकल दुकान चलाने वाले सीताराम वर्णावाल ने काफी गरीबी में अपने पुत्र प्रवीण को पढ़ाया- लिखाया और आज प्रवीण ने पूरे चकाई का नाम देश स्तर पर ऊंचा किया है। प्रवीण की मां वीणा देवी ने कहा कि प्रवीण सिर्फ मेरा बेटा ही नहीं पूरे जमुई जिला का बेटा है और उम्मीद है कि वह आगे चलकर समाज सेवा के साथ-साथ देश की भी सेवा करेगा।


प्रवीण ने कहा: बहुत जिम्मेदारी का एहसास हो रहा है, उम्मीद नहीं थी कि इतनी बड़ी सफलता हासिल होगी. हालांकि, मेहनत बहुत कर रहे थे लेकिन ईश्वर कुछ ज्यादा मेहरबान हो गए थे. अपने माता-पिता की मेहनत की वजह से मैं बहुत अच्छा जीवन जी रहा था, तो ये मुझे हमेशा प्रेरणा देता था. मुझे लगा कि ये सेक्टर ऐसा है जहां समाज के लिए कुछ किया जा सकता है और पॉजिटिव चेंज लाया जा सकता है.


मैं होमलेस बच्चों के लिए सबसे पहले काम करूंगा. मेरी कोशिश होगी कि उनके लिए हॉस्टल का निर्माण करवाऊं, जहां पर वह पढ़ सकें और अच्छे वातावरण में रह सकें. इसके अलावा, बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य की समस्या है, उसके लिए काम करने का प्रयास करूंगा.

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