वरुण चक्रवर्ती: निराश होकर क्रिकेट छोड़ा, आर्किटेक्ट बने, 7 साल बाद कमबैक किया और आते ही छा गए

IPL 2020 क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है. यह एक ऐसा बड़ा मंच है, जिसने कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया. चाहे वो राजस्थान रॉयल्स के राहुल तेवतिया हों, सनराइज़र्स हैदराबाद के नटराजन और प्रियम गर्ग. इनमें से कुई युवा मौदान पर जलवे भी दिखा रहे हैं.

ऐसे ही एक उभरते युवा का नाम है वरुण चक्रवर्ती.  आईपीएल 2020 में कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ से खेलते हुए धमाल मचा रहे हैं. वरुण की कहानी पूरी फ़िल्मी है. कभी उन्होंने निराश होकर क्रिकेट छोड़  दिया था, फिर आर्किटेक्चर में करियर बनाया. 7 साल बाद दोबारा वापसी की. पसीना बहाया, फिर चर्चाएं बटोरी. आज वो KKR  Team के सबसे भरोसेमंद प्लेयर्स में से एक हैं.

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वरुण चक्रवर्ती तमिलनाडु से खेलने वाले स्पिनर गेंदबाज हैं. उनका जन्म 29 अगस्त 1991 को कर्नाटक के बिदर में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ. वरुण स्कूल में पढ़ाई करने के दौरान क्रिकेट भी खेला करते थे. उन्हें क्रिकेट में बहुत दिलचस्पी थी. 13 साल की उम्र में वो बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज क्रिकेट खेलते थे. उन्होंने 17 साल की उम्र तक क्रिकेट खेली. लेकिन एज ग्रुप क्रिकेट में उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. उनके असफलता को देखते हुए परिवार ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा. परिवार का दबाव उन पर था. वरुण ने निराश होकर क्रिकेट में अपना करियर बनाने का सपना छोड़ दिया.

फिर समय से पहले किसी को शायद ही कुछ मिलता हो. फिलहाल, क्रिकेट छोड़कर वरुण अपनी पढ़ाई पर फोकस करने लगे. उन्होंने चेन्नई के एसआरएम विश्वविद्यालय में अपना एडमिशन ले लिया. वो 5 साल तक आर्किटेक्चर की पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्किटेक्स सेक्टर में नौकरी करने लगे. सुबह 10 से 6 की नौकरी में उनका मन नहीं लगता था. अभी भी वरुण क्रिकेट को भुला नहीं पाए थे. क्रिकेट उनका पैशन था. इस बीच वो जब भी समय मिलता या वीकेंड पर टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते. क्रिकेटर बनने के अधूरे सपने उन्हें सोने नहीं देते थे.

 

फिर उनका सपना उनकी नौकरी पर भारी पड़ गया. वरुण चक्रवर्ती ने फिर से क्रिकेट के लिए नौकरी छोड़ दी. साल 2015 में उन्होंने क्रोमबेस्ट क्रिकेट अकादमी में दाखिला ले लिया. करीब सात साल के बाद वरुण ने वापसी की थी. अब उनकी उम्र 25 की हो चुकी थी.

उनको बहुत अधिक मेहनत की ज़रूरत थी. अकादमी जॉइन करने के बाद वरुण बल्लेबाज़ के साथ तेज़ गेंदबाज के तौर पर अभ्यास करने लगे. बतौर तेज़ गेंदबाज़ ऑलराउंडर क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया. यहां एक बार फिर किस्मत रूठ गई. शुरूआत में ही उन्हें मैच के दौरान चोट लग गई. घुटने की चोट के चलते वरुण को एक बार फिर कई दिनों तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा.

वैरीएशन ने बनाया मिस्ट्री बॉलर

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चोट से उबरने के बाद वरुण स्पिन गेंदबाजी करने लगे. ट्रेनिंग के दौरान वरुण ने स्पिन गेंदबाजी में काफ़ी वैरीएशन सीखी. वो प्रशिक्षण के दौरान टेनिस बॉल से गेंदबाजी पर खूब मेहनत करने लगे. इसी मेहनत के बूते वो टेनिस बॉल क्रिकेट के बेहतरीन स्पिनर बन गए.

वरुण ने इस टैलेंट ने लेदर बॉल क्रिकेट में इस्तेमाल किया. वैसे तो उन्हें लेगब्रेक गुगली गेंदबाज के तौर पर जाना जाता है. लेकिन वो ऑफ ब्रेक, कैरम बॉल, टॉप स्पिन और स्लाइडर गेंदे आदि फेंकने में भी माहिर हैं. उनकी गेंदबाजी में इतने वैरीएशन देखने के बाद उन्हें मिस्ट्री बॉलर के नाम से पहचान मिली. मिस्ट्री बॉलर वरुण चक्रवर्ती अपनी गेंदबाजी वैरीएशन के चलते चेन्नई लीग सीजन चार (2017-18) में जुबली क्रिकेट क्लब से खेलने का मौका मिला.

इस टूर्नामेंट में वरुण ने शानदार गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खूब परेशान किया. उनकी घातक गेंदबाजी के चलते उन्हें महज 7 मैचों में 31 विकेट मिले थे. इस दौरान उन्होंने सिर्फ 3.06 की इकॉनमी से रन दिए थे. सालों बाद वापसी करने के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से शानदार प्रदर्शन किया था.

27 साल के इस खिलाड़ी को इसके मेहनत का फल भी मिला. तमिलनाडु प्रीमियर लीग में मदुरई पैंथर्स की तरफ से अपनी क़ाबलियत दिखाने का मौका मिला. वरुण ने इस टूर्नामेंट में अपनी धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर खूब चर्चाएं बटोरी. उस साल अपनी टीम को ख़िताब दिलाने में वरुण की अहम भूमिका रही.  टीपीएल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में वरुण ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 9 रन देकर 2 विकेट चटकाए थे. इस लीग में उन्होंने 5 से भी कम औसत से रन लुटाए थे.

वरुण चक्रवर्ती के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए फाइनल मुकाबले में कमेंट्री कर रहे आस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज माइकल हसी ने उनकी खूब प्रशंसा की थी. उन्होंने वरुण की गेंदबाजी को देखते हुए कहा कि वरुण के अन्दर एक अलग तरह का बेहतरीन टैलेंट है. वो आईपीएल अभ्यास सत्र के दौरान कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ से गेंद फेंकने के लिए बुलाए गए. जहां से उन्होंने अपनी गेंदबाजी को और निखारा था. उन्हें दिग्गज स्पिनर सुनील नरेन से भी टिप्स मिले.

IPL 2020 ने बना दिया करोड़पति

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साल 2018 में एक बार फिर वरुण ने अपनी घातक गेंदबाज़ी से धमाल मचाया. इस साल विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी के लिस्ट-ए मैच में खेलने का मौका मिला. वरुण को तमिलनाडु की टीम में शामिल किया गया था. इस टूर्नामेंट में वरुण ने सिलेक्टरों को निराश नहीं किया. मिस्ट्री स्पिनर ने इस टूर्नामेंट में घातक गेंदबाजी करते हुए 9 मैच में 22 विकेट अपने नाम किए. वहीं 4.2 की इकॉनमी से रन खर्च किए थे. इनके इस प्रदर्शन को देखते हुए इन्हें रणजी टीम में शामिल किया गया. घरेलू मैचों में अपने शानदार प्रदर्शन से वरुण चक्रवर्ती ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों का ध्यान अपनी ओर खींचा.

आईपीएल 2019 के लिए हुई नीलामी में वरुण को खरीदने के लिए होड़ लग गई. अंत में किंग्स इलेवन पंजाब ने 8.4 करोड़ रूपये की महंगी कीमत देकर वरुण को अपनी टीम में शामिल किया. आईपीएल 2019 में वरुण सबसे महंगे अनकैप खिलाड़ी (Uncapped Player) बनकर खूब चर्चा बटोरी थी.

एक तरफ उनकी महंगी कीमत ऊपर से उनकी फ़िल्मी ज़िन्दगी. बहरहाल, हर कोई इनको आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए देखना चाहता था. लेकिन एक बार फिर से किस्मत को शायद ज्यादा कुछ मंजूर नहीं था. पंजाब ने इन्हें पिछले सीज़न में सिर्फ़ एक मैच में मौका दिया. वहीं आईपीएल 2020 के 13वें सीज़न के लिए कोलकाता नाइटराइडर्स ने इन पर भरोसा जताया. वरुण को इस सीज़न के लिए 4 करोड़ रुपये मिले. जबकि इनका बेस प्राइस 20 लाख था.

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इस सीज़न में कोलकाता ने उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी शामिल किया. कई बार रिजेक्शन का सामना करने के बाद वरुण इस सीज़न में धमाल मचा रहे हैं. उन्होंने आईपीएल 2020 में 3 मैच में 4 विकेट हासिल किए हैं. डेविड वार्नर जैसे बड़े खिलाड़ी को पवेलियन का रास्ता दिखा चुके हैं. अभी इस सीजन के कई मैच खेले जाने बाकी हैं. ऐसे में वरुण के पास अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मौका है. वहीं टीम को भी इनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी.

 

Input: Indiatimes

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